Wednesday, June 30, 2010

माफ़ न करेंगे गुस्ताख़ी तिरंगे की शान में!


भारत माता के ऐसे-2 सपूत हैं  हिन्दुस्तान में‍!
जो मिटने को भी तैयार हैं  वतन की आन में!
यह सच है कि हम शान्ति के
दूत हैं, पुजारी हैं,
पर माफ़ न करेंगे गुस्ताख़ी तिरंगे की शान में!

4 comments:

  1. आपको हिंदी में ब्लॉग लेखन के लिए बधाई। रचना पढ़कर अच्छा लगा।
    स्वागत है!

    ReplyDelete
  2. खूबसूरत पंक्तियाँ...
    मेरे ब्लॉग पर आने का बहुत शुक्रिया.
    जय हिंद.

    ReplyDelete

सभ्य और शालीन प्रतिक्रियाओं का हमेशा स्वागत है। आलोचना करने का आपका अधिकार भी यहाँ सुरक्षित है। आपकी सलाह पर भी विचार किया जाएगा। इस वेबसाइट पर आपको क्या अच्छा या बुरा लगा और क्या पढ़ना चाहते हैं बता सकते हैं। इस वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए बेहिचक अपने सुझाव दे सकते हैं। आपकी अनमोल प्रतिक्रियाओं के लिए आपको अग्रिम धन्यवाद और शुभकामनाएँ।