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Thursday, January 28, 2021

आओ सखी एक गीत सुनो

                            आओ सखी एक गीत सुनो


Love story of a girl.
सांकेतिक चित्र


आओ सखी एक गीत सुनो

जीवन की एक रीत सुनो

पहली बार जो मुझे हो गई 

कैसी है वो प्रीत सुनो

आओ सखी एक गीत सुनो

जीवन की एक रीत सुनो


मेरे प्रेम की यह कहानी

सुन लो सब मेरी जुबानी

उनसे नज़रें जब चार हुईं

पल भर में दिल हार गई

इस हार में मेरी जीत सुनो

आओ सखी एक गीत सुनो..


नींद नहीं आती रातों में

रातें कटती हैं बातों में

दिन में भी कोई चैन नहीं

उस राह से हटते नैन नहीं

जिधर से आवे मनमीत सुनो

आओ सखी एक गीत सुनो..


जबसे हुई हूं मैं दीवानी

हर जुबां पर मेरी कहानी

सबने ठाना डोली सजेगी

जल्दी ही शहनाई बजेगी

मुधर बजेगा संगीत सुनो

आओ सखी एक गीत सुनो..


घर बाबुल का जब छूटेगा

साथ तुम्हारा भी टूटेगा

मुझे कभी न तुम भुलाना

मेरी यादों से दिल बहलाना

जग की यही है रीत सुनो

आओ सखी एक गीत सुनो

जीवन की  एक रीत सुनो

पहली बार जो मुझे हुई है 

ऐसी है वो प्रीत सुनो

                                                     

                                                                                   -वीरेंद्र सिंह


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Thursday, April 8, 2010

ज़िंदगी हँसने -हँसाने का नाम है!

Motivational song
सांकेतिक चित्र 



ज़िंदगी  हंसने -हंसाने  का नाम है।
ग़म में भी मुस्कुराने का नाम है।
क्या रखा है लड़ाई- झगड़े में  दोस्तों, 
ज़िंदगी प्यार से रहने का नाम है ।

लाखों -करोड़ों की इस भीड़ में,
कोई एक जो हो तक़दीर में,
जिसके बिना है हर ख़ुशी अधूरी,
ज़िंदगी उसे अपना बनाने का नाम है ।

ज़िंदगी हंसने -हंसाने का नाम है।
ग़म में भी मुस्कुराने का नाम है ।

हासिल करो वो मुक़ाम,
कि दुनिया करे तुम्हें सलाम।
अच्छी नहीं देश से गद्दारी दोस्त,
ज़िंदगी वतन पर मिटने का नाम है ।

ज़िंदगी हंसने -हंसाने का नाम है ।
ग़म में भी मुस्कुराने का नाम है ।
क्या रखा है लड़ाई- झगड़े में  दोस्तों, 
ज़िंदगी प्यार से रहने का नाम है ।

-वीरेंद्र सिंह 


Monday, April 5, 2010

गीत - क्यों तोड़े तूने वादे



Broken Heart
सांकेतिक चित्र 


क्यों तोड़े तूने वादे!
मुझे इतना बता दे!

क्या मेरा दिल, दिल ना था!
तेरे प्यार के ये क़ाबिल न था!
ना करता तुझे प्यार कभी,
जो मैं जानता तेरे इरादे!

क्यों तोड़े तूने वादे!
मुझे इतना बता दे!

 दिल में तुझे बसाया था ,
तेरे प्यार में जहां भुलाया था!
क्या कमी रही थी मेरे प्यार में,
दीवाने को समझा दे!

क्यों तोड़े तूने वादे!
मुझे इतना बता दे!


क्यों तूने ये ज़ख़्म दिए!
बिन तेरे हम कैसे जियें!
कैसे भूलाऊँ उन लम्हों को,
जरा इसका राज बता दे!

क्यों तोड़े तूने वादे!
मुझे इतना बता दे!

                          -वीरेंद्र सिंह