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Monday, February 18, 2019

जानिए कितने भाग्यवान हैं आप

व्यक्ति जब रोज़ सुबह घर से निकलता है तो अपने ईश्वर को ज़रूर याद करता है। करना भी चाहिए। घर वापस भी तो आना होता है। एक बार जब घर से बाहर निकल जाते हैं तो सैकड़ों बातें हमारी जान की दुश्मन बन जाती है।  

बड़े-बड़े शहरों की तो बात ही छोड़ दीजिए, आजकल तो छोटे-छोटे शहरों में भी रोज़ दुर्घटनाएं होती रहती हैं जिनमें कई बार जान तक चली जाती है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जो कई बार बाल-बाल न बचा हो। लगभग रोज ही ऐसे अनुभव होते रहते हैं।

दुर्घटना से बचे तो  प्रदूषण आपको बीमार बना देगा। दिल्ली जैसे महानगरों में साल के 11 महीने हवा अत्यधिक ख़तरनाक यानी ज़हरीली होती है। इन शहरों में रहकर भी अगर आप अपना जीवन-यापन सही कर पा रहे हैं तो सही में आपको ऊपरवाले का शुक्रगुजार होना चाहिए।

अगला नंबर है दूषित खानपान का। आजकल शायद ही कोई ऐसा खाद्य पदार्थ हो जिसमें मिलावट न हो। मिलावट भी ऐसे ख़तरनाक पदार्थों की जो पेट में जाते ही अनेक भयंकर बीमारियों को जन्म देते हैं। जीवन भर मिलावट वाला  खाना खाकर  भी अगर आपने  जीवन के 60 बंसत  देख लिए तो क्या अपने आपको भाग्यवान नहीं मानेंगे?

इसके बाद आकस्मिक दुर्घटनाओं का नंबर आता है। बाढ़, बिजली गिरना, सुनामी जैसी  प्राकृतिक आपदाएं भी किसी को नहीं छोड़ती है। 

आपसी दुश्मनी के चलते भी रोज़ सैकड़ों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। 

आधुनिक जीवन शैली की देन  तनाव व बीपी जैसी बीमारियों के साथ अन्य ख़तरनाक बीमारियों के होते हुए भी अगर आप छोटी-मोटी परेशानी झेलते हुए 70 साल पार गए तो साहआपको तो मोहल्ले भर में मिठाई बांटनी चाहिए।  

इनके अलावा सैकड़ों ऐसी  परेशानियां है कि पूछिए मत। उन सब पर बात करना तक बेहद मुश्किल है। 

अब आपको समझ आ गया होगा कि कितने भाग्यवान हैं आप। इतने सारे जान के दुश्मनों को मात देते हुए आप जीवन व्यतीत कर रहे हैं तो वाकई में ईश्वर का धन्यवाद देना तो बनता ही है। 





                                                                                                      -वीरेंद्र सिंह