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Friday, July 16, 2021

व्यक्तित्व में निखार लाने वाली टिप्स

सोशल मीडिया पर बह रही ज्ञान- गंगा की कुछ बूँदे आपके लिए! सेवन अवश्य करिएगा!


सोशल मीडिया पर ज्ञान की गंगा बह रही है। साथ ही नफ़रत और फ़ेक न्यूज़ का गंदा नाला भी। मैं ज्ञान की गंगा में से कुछ बूंदे आपके लिए लाया हूँ जिनमें कुछ बूँदे अपने अनुभव की मिलाकर अपने तरीके से आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि इन बूंदों के सेवन से आपके व्यक्तित्व में अवश्य निखार आएगा! आपको जीवन में मनवांछित सफ़लता  हासिल करने में मदद मिलेगी! आपकी सोच-समझ में चार-चाँद लगेंगे! तो चलिए देर किस बात की! ज्ञान-गंगा की बूँदें प्रस्तुत हैं आपके लिए:-


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ऐसा सुंदर जीवन हो!

1- संसार के सबसे बड़े आश्चर्यों में से एक यह भी है कि हर  इंसान को लगता है कि वही सबसे सही बात करता है। भले ही वो पूरी तरह ग़लत हो। (अनुभव के बोल)!

2- प्रत्येक सुबह इस विश्वास के साथ अपना दिन शुरु करो कि आज का दिन बीते दिन की अपेक्षा अवश्य ही बेहतर होगा!                         

3- लंबे समय तक रहने वाली सफ़लता का एक ही रहस्य है कि रोज लगातार प्रयास करते रहिए!

4- मैं दूसरों को जज कैसे कर सकता हूँ जबकि मैं खुद ही सही नहीं हूँ!

5- हमारा हृदय उस सत्य को स्वीकार करने में अधिक वक्त लेता है जिसे हमारा मष्तिष्क पहले ही जानता है!
  

6- अपनी ख़ुशियों की चाबी दूसरों की जेब में मत रखिए!

7- हर दु:ख से हमें एक सीख मिलती है और उस सीख से हमारा जीवन बेहतर होता है!

8- जीवन की  खूबसूरत बात  यह भी है कि हम हमेशा बदलते हैं और आगे बढ़ते हैं। हमारे अतीत और गलतियों से हमें परिभाषित नहीं किया जाता!

9- क्रोध से किसी समस्या का समाधान नहीं होता! न किसी वस्तु का निर्माण होता है! उल्टे क्रोध सब बर्बाद कर देता है!

10-  ख़ामोशी का मतलब लिहाज भी होता है। लोग अक्सर इसे कमज़ोरी समझ लेते हैं!

11- जब वक्त अच्छा होता है तब दुश्मन भी आपको चाहने लगते हैं लेकिन जब वक्त बुरा होता है अपने भी पराए बन जाते हैं!

12-  दूसरों सच्चाई का दर्पण दिखाना सबको पसंद है लेकिन स्वयं कोई नहीं देखना चाहता!

13-  लोगों को अपना प्लान मत बताएँ उन्हें अपना रिजल्ट दिखाएँ!

14- जीवन एक बार ही मिला है। इसलिए उस काम को करिए जिससे आप को ख़ुशी तो मिले लेकिन दूसरों को परेशानी न हो।  ऐसे लोगों के साथ रहिए जिन्हें आपका ख्याल है!

15-  जब आप रोज़ कोशिश करते हैं तो एक दिन वो दिन बन जाएगा जिसकी कल्पना भर से आप रोमांचित हो जाते थे।

16- एक सीख यह भी है कि उन लोगों के लिए अपने आप को आवश्यकता से अधिक न झोंके जो आपके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं!

17- कभी-कभी कुछ चीजों को जितना हम नियंत्रित करना चाहते हैं उतना ही वो हमें नियंत्रित करने लगती हैं। ऐसी स्थिति में चीजों क उनके हाल पर छोड़ देना ही बेहतर होता है!

18- जब लोग आपकी योग्यता पर प्रश्नचिह्न लगाने लगे तो याद रखें कि लोगों की राय तब तक कोई मायने नहीं रखती जबतक कि आपको अपने आप पर भरोसा है। कुछ भी हो सकता है!

19- क्रोध, वह दंड है जो किसी और की ग़लती के लिए हम अपने आप को देते हैं!

20-   उस व्यक्ति की कोई मदद नहीं कर सकता जिसे स्वयं की ग़लती कभी दिखाई नहीं देती!

21- लोगों की मदद करिए। उस व्यक्ति को मुस्कराने की वजह दीजिए जिसे इसकी आवश्यकता हो!

22- असली सौंदर्य व्यक्ति की आत्मा, उसके दिमाग़ और उसके हृदय से है! किसी के चेहरे से नहीं!

23- सबसे बड़ा रोग  कि मेरे बारे में क्या कहेंगे लोग! इस रोग का इलाज आप ही के पास है! मान कर चलिए कि दूसरों के पास इतना वक़्त नहीं है कि वो आपके बारे में सोचें!

24- याद रखिए कि आज वही दिन है जिसके लिए आप कल तक चिंतित थे! 

 और इस पोस्ट के आख़िर में..


25- कभी-कभी हमें शब्द वापस लेने पड़ते हैं, अपने अहम् को एक तरफ रखना पड़ता है, और अपने गर्व से ऊँचे उठे सिर को नीचा करते हुए  मानना पड़ता है कि हम ग़लत हैं। इसे हारना नहीं कहते! इसे जीवन में आगे बढ़ना कहते हैं! समझदार होना कहते हैं!  धन्यवाद!





प्रस्तुति:  वीरेंद्र सिंह

Saturday, January 9, 2021

आपके व्यक्तित्व में चार चाँद लगाने वालीं टिप्स

आपके व्यक्तित्व में चार चाँद लगाने वाली टिप्स

 आज हम कुछ ऐसे टिप्स पर चर्चा करेंगे जिनसे आपके व्यक्तित्व में चार चाँद लग जाएँगे। आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली होगा। हम जानते हैं कि एक सफ़लता भी ऐसे लोगों के ही क़दम चूमती है। बात यह भी है कि सफ़ल और सुखद जीवन की  कल्पना हर कोई व्यक्ति  करता है। लेकिन अधिकाँश लोगों के मामलों  में ये कल्पना, कल्पना ही रह जाती है क्योंकि जीवन जीना भी एक कला है और जो इस कला में पारंगत होता उसी का जीवन सफ़ल होता है। अगर हम दूसरों के अनुभवों  से  कुछ लाभ उठा सकें तो कईं प्रकार की दिक्कतों   से आसानी से बच सकते हैं।  इस विषय  में   हमारे बड़े बुज़ुर्ग हमेशा हम ख़बरदार करते रहते हैं। हमारा मार्ग दर्शन करते हैं।  लेकिन हम हैं कि उनकी बातों पर कभी कोई ध्यान ही नहीं  देते हैं।  इस ग़लती से हम सभी को बचना चाहिए। अपने बड़ों और अनुभवी शुभचिंतकों की सलाह को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं होता। उनकी नसीहतों को अमल में लाकर अपने व्यक्तित्व को भी चमकाना चाहिए और अपनी सफ़लता के रथ  को आगे बढ़ाना चाहिए।

  


 ऐसे ही कुछ काम की टिप्स मैं आपके लिए लाया हूँ..


१-  कहते हैं कि जो नसीहत नहीं सुनता उसको एक दिन लानत सुननी पड़ती है। बात तो काम की है। अच्छी नसीहत को मान लेने में क्या बुराई है। नसीहत मानने वाले का ही भला  होगा।


२- मुस्कराते रहें । इससे आपके चेहरे  की सुन्दरता बढ़ती है। यह भी बहुत अच्छी आदत है। मुस्करानें में कोई पैसा नहीं लगता। चेहरे पर रौनक बढ़ जाती है। इसी ब्लॉग पर एक पोस्ट इसी विषय पर लिखी गई है। जिस यहां पढ़ा जा सकता है। 


३- दूसरों को बिना मागें राय न दे। बिना मांगे राय देने में बहुत ख़तरे हैं। अपने अनुभव और ज्ञान की मिट्टी पलीद कराने के सुपर टॉप उपायों में से यह भी एक उपाय है।


४- अज्ञान के अधेंरे को ज्ञान के प्रकाश से दूर करें। यह काम किया जा सकता है। इसकी शुरूआत अपने घर से करनी चाहिए। अपने घर में ज्ञान का प्रकाश होगा तो दूसरों भी प्रेरित हो सकते हैं।


५- समय बिल्कुल भी बर्बाद न करें अन्यथा समय आपको बर्बाद कर देगा। यह सलाह जितनी जल्दी हो सके अपने जीवन  में उतार  लें।


६- ख़ाली दिमाग़ शैतान का घर होता है इसीलिए कुछ ख़ाली न बैठे  कुछ न कुछ करते रहें। आराम भी जरूरी है लेकिन उतना ही जितना जरूरी है। 


७- दूसरों की कमियों से पहले अपनी कमियों पर ध्यान दें। यही तो बात है। सारी उम्र दूसरों की कमियां निकालने में ही  बीत जा रही है। उम्मीद है कि अपनी कमियों पर भी ध्यान जाएगा। और अगर ध्यान जाएगा तो उन्हें दूर करने का उपाय भी  होगा।


८-जितना हो सके चिंता से बचिए। वैसे तो चिंता करनी ही नहीं चाहिए। चिंता, चिता समान है। यह तो हमने बचपन में पढ़ लिया था। इसलिए कम से कम अनावश्यक चिंता तो बिल्कुल मत करें।


९- स्वयं अपनी प्रशंसा न करें। क्या कह दिया? दूसरे प्रशंसा करते नहीं और अपने आप करें नहीं तो फिर कैसे चलेगा। चलेगा ....अपने कामों को आपकी प्रशंसा करने दें। जब आपके काम बोलेंगे तो आपको बोलने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।


१०- कुछ न कुछ नया करते रहें। यह सलाह बड़े काम की है। लेकिन दिक्कत तो यह है कि करे कौन?  भई आप ही  को करना है। जो करेंगे उसका लाभ भी तो आपको ही मिलेगा। इसलिए आपको ही करना होगा।


११- दूसरों से  बदलने की उम्मीद करने की बजाय अपने आप को बदले। और अपने आप बदल जाएँ! दुनिया  ऐसी ही है। दुनिया नहीं बदलेगी। इसलिए आप बदल जाएं। इसी में भलाई है।


१२- अनावश्यक गुस्सा बिल्कुल भी न करें। ग़ुस्सा इंसान को शैतान बना देता। ग़ुस्से ऐसा गुण है जिसका लाभ मिलने की बजाय अनावश्यक हानि और अपमान मिलता है। इसलिए मेडिटेशन और योग की मदद से अपने ग़ुस्से को नियंत्रित करना सीखिए। 

१३-भविष्य कोई नहीं बता सकता इसीलिए भविष्य जानने की कोशिश कभी न करें। यह सलाह जितनी आसान है उतनी व्यवहारिक नहीं है। भविष्य जानने की जिज्ञासा इंसान के अंदर इनबिल्ट होती है। हालांकि यह होनी नहीं  चाहिए थी। इसलिए कोशिश यह होनी चाहिए कि भविष्य जानने के चक्कर में जितना हो सके उतना कम पड़ें।   


१४- टाल-मटोल की आदत तुरंत छोड़ दें। वाह क्या बात है? यह आदत छूटना तो बहुत मुश्किल है। अक्सर ऐसी परिस्थिति आ जाती है कि हमें टाल-मटोल करना पड़ता है। हालांकि इस आदत से छुटकारा पाना आसान तो नहीं फिर भी  ईमानदारी से कोशिश जरूर करनी है। क्या पता सुधार हो ही जाए।


१५- अपने जीवन के  महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें। बहुत मुश्किल है जी। बहुत मुश्किल है। मेरा साथ तो यह होता है कि अगर मैं निर्णय न भी ले रहा हूं तो ज़बरदस्ती निर्णय मुझे सुना दिए जाते हैं। मेरा काम तो बस उन्हें मानने  का होता है। समझ नहीं आता कि इस नियम पर पालने करें तो करें कैसे? फिर भी कोशिश तो करनी होगी। 


१६- किसी के प्रति बैर-भाव बिल्कुल न रखें। सही है। बैर-भाव रखने से कुछ हासिल नहीं होने वाला। इसलिए बैर-भाव से बिल्कुल बचना है। इसके उलट प्रेम-भाव को बढ़ावा देना है।


१७- हर पल का आनंद उठाने का प्रयास करें। बहुत मुश्किल है लेकिन कोशिश तो की ही जा सकती है। कहा गया भी गया है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इसलिए अपने जीवन का लुत्फ उठाने में पीछे मत रहिए।

१८- दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहें। यह बहुत अच्छी बात  है। दूसरों की मदद करने से अपना भी भला होता है। यह एक अच्छा गुण है। 


१९- शांत रहें और जग की भलाई के बारे में हमेशा सोचें। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। यह एक आसान  टिप है। कोई मुश्किल नहीं है।


२०- जांत-पांत और ऊँच-नीच के झंझटों में बिल्कुल न पड़े। यह भी बहुत बढ़िया है।

अंत में एक और बात सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है इसीलिए अपने आप में सुधार करते रहें। इन बातों पर अमल करेंगे तो आपके व्यक्तित्व में चार चाँद तो लगेंगे ही साथ ही आपकी सफ़लता के अवसर भी बढ़ जाएंगे।  

                                        -वीरेंद्र सिंह

                        

                 

Monday, December 7, 2020

ख़ुश रहना आकर्षक व्यक्तित्व के लिये भी ज़रूरी

खुश रहना आकर्षक व्यक्तित्व के लिए टॉनिक का काम करता है 



आजकल की भागदौड़ वाली ज़िंदगी में  टेंशन बिना बुलाए मेहमान की तरह होती है। जिसे देखो वही किसी न किसी प्रकार की टेंशन का शिकार  है। टेंशन यानी तनाव इंसान की कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित करता है। टेंशन इंसान के व्यक्तित्व को बुरी तरह प्रभावित करती है।  इंसान मुस्कराना भूल जाता है। उसके सोचने -समझने की ताकत पर भी असर पड़ता है। कभी-कभी तो टेंशन के चक्कर में हाई ब्लड प्रेशर जैसी ख़तरनाक़ बीमारी समय से पहले ही इंसान को जक़ड़ लेती है।  शायद इसलिए सभी एक दूसरे को कहते पाए जाते हैं कि यार टेंशन मत लें। टेंशन भगाने का सबसे अच्छा इलाज है कि इंसान ख़ुश यानी प्रसन्न रहना सीख लें। अगर आप ख़ुश और संतुष्ट रहने की कला जान लें तो तनाव पास भी नहीं भटकेगा। इसके लिए हम उन तरीकों के बारे में जानना होगा जिन पर अमल कर हर व्यक्ति ख़ुश रह सकता है। आकर्षक व्यक्तित्व के ख़ुश रहना बहुत ज़रूरी है। 


Happiness is the key to success


1-  ध्यान यानी मेडिटेशन
   
              ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बहुत से बुजुर्ग लोग सुबह -शाम में संध्या करते हैं। यह एक तरह की ध्यान लगाने की प्रक्रिया है। इच्छानुसार  कुछ देर ध्यान लगाने से मन को एकाग्र करने में बड़ी मदद मिलती है। मन एकाग्र होने से व्यर्थ की बैचेनी और चिंता दूर होती है। काल्पनिक या वास्तविक भय से छुटकारा मिलने में मदद मिलती है। ख़ुश रहने की इच्छा बलबती होती है।


2-   योग और व्यायाम 

          हम सब जानते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। और अगर मस्तिष्क सही होगा तो बाकी चीजें अपने आप ही सही हो जाएंगी। शरीर रक्त यानी ख़ून का संचार तेज होता है। चेहरे पर चमक बढ़ती है। लगातार योग और व्यायाम से बुढ़ापा देर से आता है। कहना ग़लत न होगा कि योग व्यायाम करने के लाभ ही लाभ हैं। हालांकि इसके लिए योग और व्यायाम नियमित रूप से करना चाहिए।  अगर ऐसा करना संभव नहीं हो तो तेज़-तेज़ पैदल  चलना चाहिए। सीढ़ियां चढ़ने- उतरने या लिफ्ट के कम से कम प्रयोग से गुरेज नहीं करना चाहिए।  


                                                                        
Yoga and Exercise bring happiness



3- समय पर सोना-उठना   

                  भागदौड़ भरी ज़िंदगी ने इंसान के सुख-चैन के साथ-2 उसकी नींद भी उड़ा दी है।  जब मोबाइल नहीं था तो कम से कम समय पर सोने-जगने में कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन जब से मोबाइल हाथ में आया है कि छोटे-बड़े सभी लोग इसका अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से समय पर  सोना-जगने का बायोलोजिकल चक्र बाधित हुआ है। इसके दुष्प्रभाव धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। अनिद्रा और थकान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इससे बचने का उपाय यह है कि आप मन पर नियंत्रण रखें। मोबाइल के इस्तेमाल को सीमित करें। समय पर सोने -जगने का प्रयास करें। कुछ ही दिन में आप अपने जीवन में परिवर्तन देखेंगे। 


4- परिवार को प्राथमिकता
                    
                         अगर आप नौकरीपेशा है या किसी व्यवसाय या बिजनिस से जुड़े हैं तो परिवार के साथ समय बिताना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कई बार नौकरी के सिलसिले में परिजनों से दूर रहना मज़बूरी होता है। ऐसे में उत्साहपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए अपने परिवार का ध्यान रखना चाहिए। वक्त मिलते ही उनसे बात करना या उनके साथ समय  बिताने को प्राथमिकता देनी चाहिए। याद रखिए नौकरी और बिजनिस महत्वपूर्ण है लेकिन परिवार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अपने काम और परिवार में संतुलन बना सके तो बहुत अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

5- टालमटोल छोड़े

               टालमटोल की आदत बहुत ख़राब होती है। कमोवेश इस आदत से हम सभी परेशान रहते हैं। लेकिन इस आदत की वजह से कई बार बेमतलब की परेशानी खड़ी हो जाती है। कभी-कभी तो काफी गंभीर समस्या हो जाती है। इसलिए टालमटोल की प्रवृत्ति से जितना जल्द हो सके पीछा छुड़ाना चाहिए। टालमटोल की आदत टेंशन की सगी रिश्तेदार और आपके चेहरे की मुस्कराहट की  कट्टर दुश्मन है।


6-  आभार व्यक्त करना

                     कोई व्यक्ति आपके काम आता है तो तुरंत उसका आभार व्यक्त करना चाहिए। आभार व्यक्त करने से आपको को भी ख़ुशी मिलती है और सामने वाले का भी दिन बन जाता है। दूसरों की मदद करने का उसका जज्बा और बढ़ जाता है।  आप जीवन में जो कुछ भी है उसके लिए  निरंतर  ईश्वर का आभार जताना चाहिए। आभार जताने को अपनी आदत बना लीजिए।  यह आदत आपको टेंशन से दूर रखने में मदद करेगी।

उपर्युक्त बातों पर अगर हम थोड़ा भी अमल कर सके तो इससे हमें ख़ुशी-ख़ुशी जीवन बिताने में बहुत आसानी होगी। हमारा व्यक्तित्व फिर से चमक उठेगा। ये उपाय हर तरह से हमें लाभ पहुंचाएंगे।

                                                       - वीरेंद्र सिंह


Saturday, December 5, 2020

आकर्षक व्यक्तित्व कैसे पायें?

 

                       कभी आपने सोचा कि कैसे कुछ लोग पहली ही मुलाक़ात में आपका दिल जीत लेते हैं? आपके मन में उतर जाते हैं। आपका मन करता है कि काश आप का व्यक्तित्व भी उनके जैसा होता। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनसे आप बिल्कुल प्रभावित नहीं होते। जाहिर है कि हमें प्रभावित करने वाले लोगों में कुछ  ऐसा होता है जो आकर्षित करता है। उनका व्यक्तित्व चुंबक की तरह होता है जो अपनी ओर खींचता है। ऐसे आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी अपने व्यक्तिगत जीवन में भी अत्यधिक सफ़ल होते हैं। अब सवाल उठता है कि ऐसे कौन से गुण होते हैं कि जिनके धारण करने या जिनका अपने अंदर विकास करने से व्यक्ति विशेष दमदार और चुंबकीय व्यक्तित्व का स्वामी बन जाता है?  


                                                       How to get attractive personality. Attractive personality works wonder.


आत्मविश्वास से भरपूर    

                  आकर्षक व्यक्तित्व वाले व्यक्ति  की ख़ास पहचान है उसका आत्मविश्वास से भरा होना। अगर किसी शख़्स  के अंदर आत्मविश्वास की कमी है तो उसके लिए दूसरों पर प्रभाव जमाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। आत्मविश्वास की थोड़ी कमी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता लेकिन अगर आपका आत्मविश्वास कुछ ज्यादा ही गिरा हुआ है तो इसका मतलब है कि या तो आपकी तैयारी पूरी नहीं है या आप आशंकित हैं। अब सवाल उठता है कि आत्मविश्वास कैसे बढ़ाया जाए?  इस सवाल का उत्तर है कि अपनी तैयारी पूरी कीजिए। अपने आंख-कान खुले रखिए। अगर किसी विषय पर आपकी जानकारी पूरी न हो तो उस विषय पर किसी से बहस न करें। रोज़ कुछ न कुछ नया सीखते रहें।अच्छी किताबें पढ़ें। अपने विषय के अच्छे जानकार बनें।  अगर आप ऐसा करते हैं तो निश्चित तौर पर आपविश्वास से लबरेज रहेंगे।


दूसरों का सम्मान करना    

                           दूसरों का सम्मान करने वाले व्यक्तियों का समाज में अलग ही दर्जा होता है।  ऐसे लोगों को सभी पसंद करते हैं। अगर कोई अपने व्यक्तित्व से दूसरों को प्रभावित करना चाहता  है तो उसे दूसरों का सम्मान करना आना ही चाहिए। अगर आप दूसरों का सम्मान नहीं  करते तो आपको कोई पसंद नहीं करेगा। आप अपने आस-पास के लोगों से अक्सर ऐसे लोगों की बुराई सुनते होंगे जिनका स्वभाव अच्छा नहीं होता या जो अक्खड़ मिजाज के होते हैं।


विनम्रता  और शिष्टाचार

              बचपन से ही हमारे माता-पिता और घर के दूसरे बड़े सदस्य हमें  विनम्रता और शिष्टाचार का पाठ पढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे जानते हैं कि ये वे गुण हैं  जिनकी कमी से जीवन में सफ़ल होना बहुत मुश्किल है। अगर  आप इन दो गुणों की कमी के बावजूद किसी तरह सफ़ल हो भी जाते हो तब भी आपको वो सम्मान नहीं मिलेगा जिसकी आपको चाहत होती है।  विनम्रता और शिष्टाचार हमारे व्यक्तित्व के वे आवश्यक अंग हैं जिनके बिना चुंबकीय व्यक्तित्व की कल्पना करना भी मुश्किल है।  


An attractive personality is like a magnet. So everyone likes people of attractive personality.



चेहरे पर मुस्कराह                                                                                                                                                           
              छोटे बच्चों की मासूम हंसी कैसे सबका दिल जीत लेती है यह तो आप जानते ही होंगे! बड़ों के   साथ भी कुछ-कुछ ऐसा ही है। सामान्य हालात में आपके चेहरे पर हल्की सी मुस्कराहट सामने वाले पर जादू का सा असर करती है। बेवजह मुंह लटकाये रहने से कोई फायदा नहीं होता। अगर परिस्थितियां अनुकूल  हैं तो अपने चेहरे से मुस्कराहट को जाने न दें। कभी-कभी तो विपरीत परिस्थितियों में मुस्कराते रहने की सलाह दी जाती है। मुस्कराते रहने का सबसे अच्छा फायदा यह होता है कि बेवजह का तनाव जल्दी से पास नहीं फटकता। मुश्किल हालातों आसानी से निपटा जा सकता है। किसी बात के प्रतिकूल असर को ख़त्म या कम किया जा सकता है।

   



दूसरों के साथ अपनी तुलना से बचना   
 
               हमारी परवरिश के दौरान बचपन में ही हमारे अभिभावक अक्सर हमारी तुलना शुरू कर देते हैं। इसका असर यह होता है कि जीवन भर हम एक-दसूरे अपनी अनावश्यक तुलना कर कभी ख़ुश तो कभी दुखी होते हैं। व्यवहार में यही देखने को मिलता है कि  दूसरों से तुलना करने दुख और निराशा ही ज्यादा मिलती है। अगर आप अपने व्यक्तित्व में चार चांद लगाना चाहते हैं तो दूसरों के साथ अपनी तुलना आज ही छोड़ दें। हर इंसान की अपनी खूबियां  और कमियां होती हैं। अगर आपके अंदर कुछ कमियां हैं तो कुछ ऐसी खूबियां भी होंगी जो दूसरों में नहीं हैं।  इसलिए अपनी उन्हीं खूबियों को पहचानिए। उन्हें अपना मज़बूत हथियार बनाइये।


पहनावा  

                जिस इंसान का पहनावा वक्त के अनुसार होता है वो अनायास ही सबके आकर्षण का केंद्र बन जाता है।  जरा सोचिए। सफल और आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी अपने पहनावे को लेकर सदैव ही सचेत रहते हैं। किसी भी बड़े पद पर आसीन व्यक्ति को देख लीजिए। उनका पहनावा उनके पद की गरिमा के अनुरूप होता है। समय के अनुसार होता है। दूसरों पर अच्छा प्रभाव छोड़ने वाला होता है। जाहिर है कि हम अपने पहनावे को लेकर जितने सचेत रहते हैं  उतना ही हमारे व्यक्तित्व के लिए बेहतर होता है। 


कम्यूनिकेशन स्किल

          अमूमन सभी सफल व्यक्तियों की कम्यूनिकेशन स्किल यानी उनका वार्तालाप कौशल अव्वल दर्जे का होता है। ऐसे लोग अपनी बात को सही तरीके से रखते हैं। इसका फायदा यह होता कि हर  कोई इनके संदेश को आसानी से समझ जाता है। लोग उनके मुंह पर तारीफ़ करते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है जो किसी भी चुनौती से निपटने में उन्हें मदद करता है। उनके ओवरऑल व्यक्तित्व में चार चांद लग जाते हैं। अन्य लोग मन ही मन सोचते हैं कि काश हमारे अंदर भी ऐसा ही गुण होता। 


   आख़िर में .,,,व्यक्तित्व विकास एक ऐसी सतत प्रक्रिया है जो लगातार चलती है। इंसान अपने आपको हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए , अपना बेहतर करने के लिए सदैव प्रयत्शील रहता है। ऐसी हर अच्छी बात और गुण, जो आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने में उपयोगी हो, को अपनाते रहिए। अपनी कमियों में सुधार करने और अच्छी बातों को ग्रहण कर उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प आपको चुंबकीय व्यक्तित्व स्वामी बनाने में मदद करेगा।  इस में तनिक भी संदेह नहीं है।    


                                                 - वीरेंद्र सिंह