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Thursday, February 21, 2019

मेगा पोल के दिलचस्प नतीजे!

देश की एक बेहद लोकप्रिय न्यूज वेबसाइट ने 2019 के आम चुनाव के संदर्भ में एक मेगा पोल कराया था। ये पोल 11 फरवरी,2019  से 20 फरवरी 2019 तक चला। ये मेगा पोल  मोदी सरकार के कामकाज, देश का अगला पीएम,  राहुल गांधी की लोकप्रियता और आम चुनाव में राफेल बवाल का असर जैसे मुद्दों को लेकर था। इस पोल में केवल ऑनलाइन लोगों ने भाग लिया था। वेबसाइट का दावा है कि लगभग 2 लाख लॉग-इन यूजर्स की राय को ही इसमें शामिल किया गया है। जाहिर है पोल के नतीजे सभी भारतीय मतदाताओं की मन की बात नहीं है। 21  फरवरी 2019 यानी आज इस पोल के नतीजे सामने आए। इस पोल के नतीजे काफी हद तक चौंकाने वाले भी हैं। 

पोल से साफ़ पता चलता है कि भारत के पीएम नरेन्द्र दामोदरदास मोदी की लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है। लगभाग 84 फीसदी(83.89%) लोग मोदी जी को ही देश के अगले पीएम के रूप में देखना चाहते हैं। केवल 8.33 फीसदी लोगों ने पीएम के रूप में राहुल गांधी को चुना। कांग्रेस के दृष्टिकोण से ये नतीजा बेहद निराशाजनक है।

मोदी सरकार का कार्यकाल लोगों को कैसा लगा?  59.51 % ने  इसे बहुत बढ़िया कहा तो 22.29 प्रतिशत ने बढ़िया बताया। लगभग 8 फीसदी ने औसत तो तकरीबन 10 फीसदी ने इस खराब बताया


महज 24.26 फीसदी लोगों को ही लगता है कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यक अपने आप को ज्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं। साढ़े 65 फीसदी से भी ज्यादा लोगों को ऐसा नहीं लगता। 10 प्रतिशत से कुछ ज्यादा ने माना कि वे इस विषय पर कुछ नहीं कह सकते।

आगामी लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा?  इसके जवाब में 40 फीसदी से भी ज्यादा ने रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा माना। लगभग 22 फीसदी को किसानों का संकट सबसे बड़ा मुद्दा लगा। 23 फीसदी ने किसी अन्य मुद्दे को सबसे बड़ा मुद्दा माना। केवल 10.16 फीसदी ने राम मंदिर निर्माण को सबसे अहम मसला माना।

क्या राफेल विवाद से एनडीए को लोकसभा चुनाव में नुकसान होगा? लगभग 74 फीसदी से भी ज्यादा लोगों ने नहीं में जवाब दियामहज साढ़े सत्रह फीसदी लोगों ने हां में उत्तर दिया। 

आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ क्या बीजेपी को मिलेगा ? इस सवाल का जवाब 72 फीसदी से भी ज्यादा ने हां में दिया। 15 %  से कुछ ज्यादा ने ही न में उत्तर दिया।

आम चुनाव के बाद सरकार गठन के लिहाज से कैसी तस्वीर होगी?  इसकी प्रतिक्रिया में 83 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों ने मोदी के नेतृत्व में एनडीए की वापसी की भविष्यवाणी की है। लगभग साढे नौ प्रतिशत ने राहुल के नेतृत्व में गठबंधन सरकार का अनुमान लगाया है। कांग्रेस के नजरिए से ये बात भी कोई उत्साहजनक नहीं है। 

34 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने ग़रीबों के लिए योजनाओं के विस्तार को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि माना है। तो वहीं 29 फीसदी ने जीएसटी, साढ़े अठारह प्रतिशत से भी ज्यादा ने  स्वच्छ भारत और लगभग 18 फीसदी ने सर्जीकल स्ट्राइक को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि माना है।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी असफलता क्या रही? 35.72 फीसदी लोगों ने  राम मंदिर निर्माण में कोई प्रगति नहीं होना को बताया। लगभग साढ़े 29 प्रतिशत ने रोजगार सृजन न होना को सबसे बड़ी असफलता माना है। साढ़े 13 प्रतिशत ने नोटबंदी को भी मोदी सरकार की विफलता माना ।

एक बेहद दिलचस्प सवाल ये पूछा गया कि 2014 के मुकाबले क्या राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ी है? 63 प्रतिशत से भी ज्यादा ने ये माना कि  ऐसा नहीं है जबकि 31 फीसदी से भी ज्यादा ने हां में जवाब दिया।लगभग 6 फीसदी कुछ नहीं बता सके। 


ये स्पष्ट है कि ये नतीजे सभी भारतीय मतदाताओं की राय नहीं है।  इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। लेकिन इतना जरूर है कि  राय जाहिर करने वाले मतदाता  काफी बड़े वर्ग का प्रतिनिधत्व करते होंगे।